गाड़ी वाले जल्दबाज़ी की चादर ओढ़ बैठे है ड्राइवर बाबू,
रास्ते में कोई कुचला जाये तो ऊपर से कहते है हमारा क्या कसुर हैं।
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
मंगलवार, 26 जुलाई 2016
सोमवार, 25 जुलाई 2016
जीवन की सच्चाई
जीवन की सच्चाई
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
1) कोई बन्दा अगर भुख से मर रहा है तब उस बन्दे का मदद् बहुत कम लोग करते है और कहते है कुछ काम तो करता है नही फ्री में क्या मिलेगा "कुछ करेगा तभी तो कुछ मिलेगा।"
2) कोई बन्दा थक गया होता हैं तो वास्तव में उसे कोई भी लिफ्ट नही देता हैं अपने रास्ते में बड़ जाते हैं कहते हैं "अपनी मंजिल का तय ख़ुद से करने से मिलता हैं" जीवन का अमर सत्य हैं।
3) प्यार करता है और प्यार में अगर टूट जाता है तब बन्दे को किसी से सहारा नही मिलता है ऊपर से कहते है लोग प्यार में अक्सर इंसान टूट जाता है फिर प्यार क्यों कर बैठते हैं?
4) "लक्ष्य भविष्य की ताले की चाबी होता हैं"अगर इसे सम्भालकर सही ढंग से अपने जीवन में उपयोग करते है तब सफलता कदम चूमती है और सफलता के बाद पूरी दुनिया खड़े होते हैं।
5)परिश्रम इंसान को जीते जी महान कार्य की ओर अग्रसर करता है और इंसान अपने मन बुद्धि शांतचित भाव से दुनिया में नया इतिहास रचता है जो सदैव स्मरणीय योग्य होता हैं।
6) साहस धैर्य से बड़ा होता है साहस से इंसान अपने बुलंदियो तक सरलता से धैर्य रखकर आसानी से पहुँच जाते हैं और एक दिन अपने कर्म के लिए पूरी दुनिया में छा जाते हैं।
7) गरीब इंसान धन से तो गरीब होता है व्यवहार से नही , खाने के लिए अन्न नही होता है पर बाटने के लिए प्रेम सम्पूर्ण रूप से भरा हुआ होता हैं।
8)लोभी इंसान के पास धन बहुत होता है पर व्यवहार नही होता है सब कुछ होते हुए धन के अलावा दो पल ठीक से किसी को प्यार नही कर पाते है।
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
शनिवार, 2 जुलाई 2016
बदलाव
बदलाव
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र के साथ साथ जीवन में बदलाव भी अत्यंत अवश्यक हैं दिनचर्या भी बदल रही है अपने समय पर , रास्ते भी बदलते है समय देखकर इंसान बदलते है अपने जरूरत को देखकर।
बदलाव बहुत सरल हैं जरूरत के साथ-साथ इंसान बदलता हैं बदलाव जीवन में बहुत सरलता से आता हैं ज्ञान में ज्ञानता से बड़ा बदलाव ही इंसान की व्यवहार में परिवर्तन लाता हैं।
समाज में बदलाव , जीवन में बदलाव , खानपान में बदलाव , वातावरण में बदलाव , और दिनचर्या में बदलाव आदि हमारे सफलता के लिए अत्यंत प्रक्षता लाता हैं और दुनिया में पहचान दिलाता हैं।
अगर बदलाव नही होगा तो धीरे-धीरे प्रकृतिक में घोर बदलाव आ जायेगा जिसे दुनिया का अंत हो जायेगा बदलाव सेहत के लिए फायदेमंद होता हैं जीवन के संचार के लिए आवश्यक हैं।
मौसम बदलते है ऋतुओं के साथ , जीवन बदलता है उम्र के साथ , उम्र बड़ता हैं बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक , सुख के बाद दुःख भी आता हैं , शिक्षा के बाद सेवा करना भी होता हैं और दुनिया बदलता है पूरी बदलाव के साथ।
बदलाव जीवन कि मधुर संगम है बदलाव के बिना कोई नही रहा सकता हैं बिना परिवर्तन के इंसान पंगु हो जयेगा आधुनिक दुनिया में तो सभी चीजे मशिनारी होगया हैं बदलाव सभी ओर प्रालक्षित होता हैं।
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
शुक्रवार, 1 जुलाई 2016
सवांद:- मैं और मेरा दोस्त
सवांद:-मैं और मेरा दोस्त
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
मैं
रास्ते ना सही पर सही दिशा दिखने वाला तो कोई हैं मंजिल से रूबरू करने वाला मेरा एक साथी तो हैं चल भाई मंजिल मिले या मंजिल का रास्ता हम तो उसे पर करके दम लेंगे।
मेरा दोस्त
हाँ दोस्त मुझे तो इस दुनिया का सेवा करना हैं दुनिया में आप ही बस नही हो मुझे तो सभी को नेक रास्ता तय करना है जीवन के नवीं में हर पल सबके साथ खड़ा होना हैं।
मैं
हाँ दोस्त ये भी सही हैं सबको ज्ञान देना उचित हैं ज्ञान के मार्ग पर चल कर जीवन में आगे बढ़ते जाएंगे तब जाकर हमें मंजिल करीब होगा मंजिल मिले या फिर तुजुर्ब दोनों नवीं है।
मेरा दोस्त
हाँ मेरे बंधु मुझे सबका सेवा करना हैं आखिर मैं इस दुनिया में नेक कर्म के लिए ही जन्म लिया हूँ और मेरा पुरुषर्त भी सबका सेवा और अच्छे मार्ग में चलने का रास्ता प्रदवित करता हैं।
मैं
मेरे दोस्त आप तो सच में जगत के पालन कर्ता हैं आप दुनिया में आये भी खास मकशद से है दुनिया को ज्ञान का मार्ग आप से बेहतर ओर कौन जानता हैं आप तो दुनिया में शांति भाईचारे आसानी से ला सकते हैं।
मेरा दोस्त
हाँ बंधु पर यह काम मेरे अकेले से नही होगा मुझे तो सबका साथ चाहिए जब सब साथ हो जायेंगे तब हिन्दू-मुस्लिम का फासला नही होगा और बीच से दुश्मनी का दिवार भी हट जायेगा।
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
बुधवार, 30 मार्च 2016
मैं हु जवान
मैं हु जवान!
मेरा काम आपका साथ
मेरा काम देश में शांति लाना
सरहद पर दिन रात कार्य करना
जीवन से लड़ना संघर्ष करके शहीद होना
अपना जरूरत को भूल कर
अपने देश का सम्भालना
बीच रास्ते में ख़ुशी को भूल जाना
देश की अवस्था की पहल करना
जीवन से बेरुख होकर डयूटी देना
सरहद में रहकर अपना आस्तित्व खो देना
आंतक से लड़ना जन्म से श्रद्धा हैं
युही हम कब तक खून से खेले?
मेरे जीवन में एक मोड़ जवान हूँ
मैं भी किसी का सन्तान हूँ
हम भी किसी की परिछाई हैं
अपने परिवार का खोया हुआ अंग हु
मेरा जीवन सरहद में तत्पर हैं
अपनों का मुश्कान मेरे मन में जीवित है
आंतक का खत्म कब ?
जीवन से लड़ना मुसीबात का सामना करना
हम पर गोली का बौछार कब तक?
युही रास्ते पर हम पर हामला कब तक?
हम जीवन की असमय में ही खो जाते हैं
आंतक का खत्मा अभी तक नही हुआ हैं
मेरा अमरत्व बलिदान का कुछ मोल नही
अभी तक आंतक खत्म नही हुआ हैं।
-अमित चन्द्रवंशी
रविवार, 27 मार्च 2016
कुछ भी
जीत की जश्न में संसार हैं,
विराट जीत की जश्न पड़े हैं।
मेरे देश की जनता आसमां में,
कभी रुकने वालो में से नही हैं।
काबिल है दुनिया जीतने की,
घर से चल पड़े है सभी मेरे बंधु।
जीत की विशाल ख़ुशी चहरे में पड़े है,
सारी दुनिया आसमां में उड़े पड़े हैं।
रास्ते मंजिल की उड़ान तक हैं,
जीवन की पड़वा संघर्ष में जिन्दा हैं।
-अमित चन्द्रवंशी