जीत की जश्न में संसार हैं,
विराट जीत की जश्न पड़े हैं।
मेरे देश की जनता आसमां में,
कभी रुकने वालो में से नही हैं।
काबिल है दुनिया जीतने की,
घर से चल पड़े है सभी मेरे बंधु।
जीत की विशाल ख़ुशी चहरे में पड़े है,
सारी दुनिया आसमां में उड़े पड़े हैं।
रास्ते मंजिल की उड़ान तक हैं,
जीवन की पड़वा संघर्ष में जिन्दा हैं।
-अमित चन्द्रवंशी
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