दी तू उड़ चली पीयूष के साथ
हाँ याद रखना बबूल को
सोने की चिरैया तू उड़ चली
माँ पापा को याद रखना
तेरी डोली चल पड़ी है
तू रुकना नही किसी मोड़ में
सुख दुख में साथ देना
हर बात प्यार से कहना
जैसे मुझे बताती है
वैसे ही सभी को समझना
तू समझ जाना उस घर को
मायके याद आये तो
उस घर के माँ पापा से बात करना
सोने चिरैया उड़ चली
बबूल को छोड़
याद रखना अपना कर्तव्य
सदा प्रेमभाव रखना
इस भाई को याद रखना
वो पहली राखी भूला नही सकता
वो उपमा का स्वाद भुला नही सकता
सोने चिरैया उड़ चली
बबूल को छोड़
याद रखना सबको।
बुधवार, 26 अप्रैल 2017
विदाई
रविवार, 26 मार्च 2017
मेरा देश मेरी पहचान
मेरा देश मेरी पहचान....
हमारी एक पहचान हमे गौरवंतीत करता है वह है इंसानियत का, सम्पूर्ण स्थान में पूज्य है इंसान की इंसानियत । कर्म ही पहचान है , जाति तो हम बनाये है नही तो खुदा ने तो हमे इंसान बनाये है। जाति सब कुछ नही होता है मानवता संस्कार विचारणीय योग्य है, आये दिन विश्व के लोग हमारी पहचान पर नजर गड़ाई हुई बैठी है।
संस्कृति एकता से भरपूर
प्राचीनता से युक्त ,
भाईचारे का मिशाल देता
मेरा महान भारत।
कल्पना नही देश में मिशाल कायम है, 'विश्वगुरु' ख्याति प्राप्त लिए हुए संस्कृति , शिक्षा , संस्कार तथा शांति की धरोहर मेरा देश। महानता किसी एक की देन नही है , हमारी एकता ही पहचान है। प्राचीन ग्रन्थों की उल्लेख अनुठा छाप है , जो सभी को एकता में बंध के रखती है; महत्व सभी का समान है गीता का कुरान का सभी योग्य है।
जहाँ नारी पूज्य हैं,
नदी को माँ कहते है।
एकता का भारत,
यहाँ मस्तक झुकता हु।।
इतिहास में नारी पूज्य है , पुरुष प्रधान देश में आज भी महिला किसी से काम नही जाति नही कर्म ही पहचान है ; गंगा सरस्वती यमुना नदी नदी न होकर अमूल्य संस्कृति है भारत माँ के संतान अनन्त है, सुंदरवन डेल्टा अपने आप में प्रकृति की अनुठा देन है। न कोई हिन्दू न कोई मुसलमान , भारत है अनेकता में एकता का जहाँ सभी का मान है ; निगाहे झुकता है मस्जिद में , मस्तक टेकते है मंदिर में सभी यहाँ भाई-भाई है।
केसर से लहरता ,
धान से भरा पड़ा।
गन्ना का जड़ मजबूत,
नारियल के पेड़ खड़े है।
जंगल , पहाड़ ,समुद्र तथा रेगिस्तान से घिरा हुआ भारत अपने आप में विकशित है ; शक्ति, साहस, योग्य से भरा हुआ है कोई भी आँख उठाकर नही देख सकते। एकजुटता भाईचारे नश-नश में समाहित है।सभी राज्य का महत्व अलग है अलग है जैसे असम केसर से भरा पड़ा है , केरल नारियल से , बिहार ताड़ वृक्ष से आदि।
इन्सानियत ही हमारी पहचान है,
समाज है निशानी ।
हम सब है सन्तान भारत माँ की,
मेरा महान भारत।
कृषिप्रधान देश है जहा अन्नदाता (किसान) के बल पर पूरी दुनिया ठीका हुआ है, जरूरत से अधिक अन्न उत्पादन करते है हमारी पहचान किसान भी है , दया प्रेम किसान की देन है ; इनके बिना तो हमारी पहचान अधूरी है , और बिना इनके साथ देश शून्य है ।
जय हिंद जय जवान..!!
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686929
सोमवार, 20 मार्च 2017
विश्व गौरेया दिवस में विशेष
हवा के साथ उनका पैगाम बाकि है।
उन्हें शांति से आजाद रहने दो,
उनके नाम भी आजादी का पैगाम हैं।
दम घुटता है बेजुबान हु इसलिए मेरा बेजुबनी का फायदा उठा रहे है खास ये पिंजरे नही बने होते मैं भी स्वछंद आकाश में उड़ पाता मेरे चोच सुज गए है पिंजरे को काट काट कर
आखिर अब मुझे बंधवा नही रहना है ।
आप अपने आपको मत कोसिए ये दुनिया बहुत स्वार्थी है यह सिर्फ अपने बारे में सोचते है आप बेजुबान हमारे नजरो में हो आपने परिवार में नही।
बुधवार, 8 मार्च 2017
2.Say something...
रविवार, 5 मार्च 2017
रविवार, 18 दिसंबर 2016
भारत माँ और हम देशवासी
चर्चा का विषय -"भारत माँ और हम देशवासी"
स्वरचित-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
समय-6:30पीएम 18दिसंबर 2016
जहाँ बहती है गंगा,जमुना,सरस्वती,सिंधु, सतलज नदी,
जहाँ निवास करते है हिंदू,मुस्लिम,सिख और ईसाई भाई।
भारत माँ की गोद में रहने वाले मान, सम्मान इज्जत, शाँति के धरोहर हैं। 'अनेकता में एकता हिन्द की विशेषता से परिपुर्ण,' 'विश्व गुरु' कहलाने वाला भारत, भिन्नता में एकता निवास करती हैं। 'सोने की चिड़या' के लिए प्रसिद्ध भारत; चमक,लहर,भाईचारे, इंसानियत के लिए जाने जाते हैं।
भारत देश एक उपमहाद्वीप है परन्तु हमारा देश एक महाद्वीप से कम नही है यहाँ घनघोर जंगल है असम मेघालय बस्तर(छत्तीसगढ़) में, सुन्दरवन का डेल्टा है पश्चिमबंगाल में, यहाँ सात अजुबे में से एक है आगरा का ताजमहल, दुनिया के सभी तरह के खानपान उपस्थित है।
रहनसहन में विविधता हैं, यहाँ फिर भी सभी लोग में भाईचारे है। सभी पर्व में खुशियाँ साथ -साथ मानते है, गम में साथ शाँति से सहयोग करते है, मानवता की मिशाल कायम भारत में हैं।
"हिन्द देश के निवासी सब जन एक है रंगरूप वेशभाषा चाहे अनेक हो।"
भारत मुलक देश का सर्व सम्पुर्ण देश है जिन्होंने मेडिकल, टेक्नोलॉजी और कृषि में नंबर 1 हैं। कृषि प्रधान देश है यहाँ चाय का बगान असम में, धान का कटोरा छत्तीसगढ़ में, गन्ने के लिए प्रसिद्ध है महाराष्ट्र, गेंहू के लिए पंजाब, सोयाबीन के लिए मध्यप्रदेश, रबर तथा नारियल के लिए केरल।
शिक्षा के क्षेत्र में भारत बहुत ही सम्पन्न हैं यहाँ के लोग गुरुकुल शिक्षा पर अधिक मानते है; BHU जहाँ पढ़ने के लिए देश विदेश से आते है, IIT की संस्था है जहाँ टॉप इंजीनियर पढ़कर निकलते है, AIIMS है जहाँ से दुनिया का टॉप डॉक्टर बनकर निकलते हैं।
माँ भारती की यशोगान, हम सब का अभिमान।
मेरा देश के भाई बहन,सब में है एक समानता।।
हम देशवासी शाँति भाईचारे से रहते है, सबके दुःख सुख में पूर्णता भागीदार बनते हैं; सभी को एक साथ लेकर बड़ते है, इज्जत मान सम्मान सभी का करते हैं। बड़ो का साथ देते है तथा उनका मान रखते हैं।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष विद्यार्थी
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829
सोमवार, 28 नवंबर 2016
1.Come back soon....
Come back soon....
-Amit Chandravanshi "Supa"
You will earne for me
I belong someone else
I can't live without yoy
Love scares you
Go away....
I will take you to back your love
Why you didn't agree?
Love is everyday sweet
Why you couldn't impress me?
Life is give one chance....
Love's in front you
You will become my love
I won saw to you
I didn't live without you
Can u teach me what's love?
I didn't live without you
You do need something
I give some excellent love
You dont believe me either
Go away....
-Amit Chandravanshi "Supa"
Age-17 Years old 28 Nov 2016
9:25PM From- Kawardha, Chhattisgarh Mo.-8085686829
