सोमवार, 20 मार्च 2017

विश्व गौरेया दिवस में विशेष

विश्व गौरेया दिवस में विशेष

एक पहल करे गौरेया को बचाने के लिए गौरेया काम देखने को मिलता है आए दिन विलुप्त होते जा रहे हैं सर्वप्रथम हमें बाग बगीचे को बढ़ाना होगा । पीपल आम बरगद के पेड लगाने होंगे तथा विलुप्त हो रहे पक्षी की नस्ल को बचाने के लिए हमें एक साथ  कार्य करना होगा। यह मत सोच सोचो कि सब करेंगे तब हम करेंगे लेकिन आप करते रहे क्योकि सत्य के पीछे काफिला होता है। चिड़िया घरो में आजकल चिड़िया की चहचहाहट गुम हो  रहे है इसे बचाना होगा । गर्मी के दिनों में घर के छत के ऊपर या सज्जा में पानी और अन्न रखे जिससे चिड़िया भूख प्यास नही रहेगी और विलुप्त नही होगा। आजादी  सभी के लिए है आजाद रहना सभी को अच्छा लगता है इसलिए चिड़िया को कैद करके घर में न रखें ।

उमास वाले दिन आने वाले है वायु पहले ही जलवाष्प से संतृप्त हो रहे है इसलिए एक पहल एक सोच विलुप्त हो रहे चिड़िया को बचा सकते है , उनके नश्ल को जिन्दा रख सकते है। बहुत सारे अभ्यारण में आये दिन पक्षी की कमी हो रही है इसलिए एकजुटता से पर्यावरण को बचाना होगा। समाचार के माध्यम से सभी को दिशा निर्देश देना होगा कि पक्षी को मारे नही उसे जीने दे आजादी सभी के हक का है चाहे वह इंसान हो चाहे वह परिंदा हो।

मुक्त आसमान में उड़ान बाकि है,
                          हवा के साथ उनका पैगाम बाकि है।
उन्हें शांति से आजाद रहने दो,
                        उनके नाम भी आजादी का पैगाम हैं।


"अगर आप पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करते है तो वह दिन दूर नही जब आपके साथ खिलवाड़ होगा और वक़्त की पहिया धीमी पड़ जाएगी, विनाश निश्चित हो जायेगा।"


एकदिन पिंजरे में बंद चिड़िया से पूछा कैसा लगता है ?
चिड़िया बेबस होकर
दम घुटता है बेजुबान हु इसलिए मेरा बेजुबनी का फायदा उठा रहे है खास ये पिंजरे नही बने होते मैं भी स्वछंद आकाश में उड़ पाता मेरे चोच सुज गए है पिंजरे को काट काट कर
आखिर अब मुझे बंधवा नही रहना है ।
मैं
आप अपने आपको मत कोसिए ये दुनिया बहुत स्वार्थी है  यह सिर्फ अपने बारे में सोचते है आप बेजुबान हमारे नजरो में हो आपने परिवार में नही।



चिड़ियों की दशा की तरह आज हमारे समाज में बाल मजदुरी है जो देश की सबसे बड़ी समस्या है।

बुधवार, 8 मार्च 2017

2.Say something...


Say something....

I hate you , I love you..
I miss you , I huge you..

I want see you 
I want talk you...
I hate you, I love U....
I need you , say something....

we can't stop, see you again.
Please You Come back, say love you...
Love me like you do,
Say something....

I love you, I hate you
We had a blast, let her go.
I'm sorry one direction you choose..
Your age is thousands years,
Say something....

You are the one that I love,
I'm saying goodbye, I kiss you.
My current situation, I hug you..
I'm listening to you, I love you
Say something....

Why? Someone like you
I love you, I need you, 
I hate you, I like you.
Say something...

When I was your
Have you come me, all of me.
We can't stop in every turn of life
Say something 
I love you , I need you
I kiss you , I like you....

-Amit Chandravanshi "Supa"
Age-17•11•8yaers old 'Student'
Ramnagar ,Kawardha ,Chhattisgarh
Mobile No.8085686829....






रविवार, 18 दिसंबर 2016

भारत माँ और हम देशवासी

चर्चा का विषय -"भारत माँ और हम देशवासी"

स्वरचित-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
समय-6:30पीएम 18दिसंबर 2016

जहाँ बहती है गंगा,जमुना,सरस्वती,सिंधु, सतलज नदी,
जहाँ निवास करते है हिंदू,मुस्लिम,सिख और ईसाई भाई।

भारत माँ की गोद में रहने वाले मान, सम्मान इज्जत, शाँति के धरोहर हैं। 'अनेकता में एकता हिन्द की विशेषता से परिपुर्ण,' 'विश्व गुरु' कहलाने वाला भारत, भिन्नता में एकता निवास करती हैं। 'सोने की चिड़या' के लिए प्रसिद्ध भारत; चमक,लहर,भाईचारे, इंसानियत के लिए जाने जाते हैं।

भारत देश एक उपमहाद्वीप   है परन्तु हमारा देश एक महाद्वीप से कम नही है यहाँ घनघोर जंगल है असम मेघालय बस्तर(छत्तीसगढ़) में, सुन्दरवन का डेल्टा है पश्चिमबंगाल में, यहाँ सात अजुबे में से एक है आगरा का ताजमहल, दुनिया के सभी तरह के खानपान उपस्थित है।

रहनसहन में विविधता हैं, यहाँ फिर भी सभी लोग में भाईचारे है। सभी पर्व में खुशियाँ साथ -साथ मानते है, गम में साथ शाँति से सहयोग करते है, मानवता की मिशाल कायम भारत में हैं।
"हिन्द देश के निवासी सब जन एक है रंगरूप वेशभाषा चाहे अनेक हो।"

भारत मुलक देश का सर्व सम्पुर्ण देश है जिन्होंने मेडिकल,  टेक्नोलॉजी और कृषि में नंबर 1 हैं। कृषि प्रधान देश है यहाँ चाय का बगान असम में, धान का कटोरा छत्तीसगढ़ में, गन्ने के लिए प्रसिद्ध है महाराष्ट्र, गेंहू के लिए पंजाब, सोयाबीन के लिए मध्यप्रदेश, रबर तथा नारियल के लिए केरल।

शिक्षा के क्षेत्र में भारत बहुत ही सम्पन्न हैं यहाँ के लोग गुरुकुल शिक्षा पर अधिक मानते है; BHU जहाँ पढ़ने के लिए देश विदेश से आते है, IIT की संस्था है जहाँ टॉप इंजीनियर पढ़कर निकलते  है, AIIMS है जहाँ से दुनिया का टॉप डॉक्टर बनकर निकलते  हैं।

माँ भारती की यशोगान, हम सब का अभिमान।
मेरा देश के भाई बहन,सब में है एक समानता।।

हम देशवासी शाँति भाईचारे से रहते है, सबके दुःख सुख में पूर्णता भागीदार बनते हैं; सभी को एक साथ लेकर बड़ते है, इज्जत मान सम्मान सभी का करते हैं। बड़ो का साथ देते है तथा उनका मान रखते हैं।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष विद्यार्थी
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829

सोमवार, 28 नवंबर 2016

1.Come back soon....

Come back soon....

-Amit Chandravanshi "Supa"

You will earne for me
I belong someone else
I can't live without yoy
Love scares you
Go away....

I will take you to back your love
Why you didn't agree?
Love is everyday sweet
Why you couldn't impress me?
Life is give one chance....

Love's in front you
You will become my love
I won saw to you
I didn't live without you
Can u teach me what's love?

I didn't live without you
You do need something
I give some excellent love
You dont believe me either
Go away....

-Amit Chandravanshi "Supa"
Age-17 Years old 28 Nov 2016
9:25PM From- Kawardha, Chhattisgarh Mo.-8085686829

सोमवार, 10 अक्टूबर 2016

सत्य की जीत

"सत्य के पथ पर कोई अपना नही होता है ; सत्य हमेशा जीवन का लाज रखता हैं।"

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

असत्य पर सत्य की जीत दशहरा पर्व की हार्दिक बधाईयाँ!!

'त्याग जीवन का मुलमंत्र हैं , त्याग की भावना जीवन जीने का पुरुषर्था का गुणगान करता हैं ; नैतिकता लाभप्रद होता हैं , सत्य हमेशा विजयी होता हैं।'

"अमित सत्य सत्य अमित एक नाम हैं,
जीवन  में हमेशा सत्य की पहचान हैं ।"

जीत की कल्पना करने से बेहतर है कि आप कोशिश कीजिये और एक लक्ष्य तक अपना कार्य को अंजाम दे। सत्य आपके साथ हैं ,  तब आप डूबते हुए जहाज को भी बचा सकते हैं। घमण्ड इंसान को ले डुबता हैं और कही का नही छोड़ता हैं ; घमण्ड , दो उड़ते जहाज में एक-एक पैर रखने जैसा हैं तथा अहंकार इंसान को अधमरा करके छोड़ता हैं , घमण्ड का विनाश निश्चित हैं।

असत्य पर चलने वालो का हार निश्चित हैं क्योकि असत्य खराब पानी जहाज की तरह हैं जो कभी भी पानी में डुब सकता हैं और साथ में दुसरों को भी डुबो देता हैं। कभी भी जीतना हैं तो सत्य के साथ अपना रुख की दिशा नवीन कार्य कि ओर मोड़ ले तथा संघर्ष का विराम नही होने दे।

सत्य का बोध हमे स्वयं करना होता हैं , सत्य  जलते हुए दीप की तरह हैं जो कभी भी अंधेरा नही होने देता हैं ;  सत्य जीवन को फुलों की तरह से सुन्दर उपवन का निर्माण करता हैं जो हमेशा सुन्दर सुगन्धों से इंसान को महका देता हैं।

क्रोध, लोभ , पाप तथा हिंशा से कोषो दूर रहे तथा हमेशा जीवन में एक अच्छे कर्म अहिंशा से कीजिये जो आपका इतिहास बनेगा और आप इस उगते हुए दुनिया में अमर हो जायेंगे। सत्य को साथ हमेशा मिलता हैं और सच्चाई की जीत अंतिम घड़ी तक होता हैं।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र-17साल 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा जिला-कबीरधाम
छत्तीसगढ़ मो.-8085686829

मंगलवार, 4 अक्टूबर 2016

चाइना समान का बहिष्कार एक मात्र रास्ता हैं

देश के खातिर एक पहल और एक सोच छोटे भाई अमित चन्द्रवंशी"सुपा" भाई के साथ।

जोर शोर  सभी दिशा में छाये हुए है कि चीनी समान का उपयोग न करे। उस वक़्त कहा थे? जब किसान आत्महत्या कर रहे थे और आप कोकोकोला , पेपसी पीते रहते थे ; विदेशी शराब पुरे भारत में बिकता है , क्या अब शराब पीना छोड़ देंगे न ? नही छोड़ सकते हैं , कहाँ गई आपकी इंसानियत ? कल तक सिर्फ किसान मरते थे, आज तो सरहद में सेना पर पहाड़ टुटने वाला हैं; फिर भी आप शराब पीना नही छोड़ सकते हैं। प्रश्न छोटा है पर मानवता पर कटक्षवार करता हैं।

'विदेशी समानों के बेगार तो जिन्दगी मुमकिन नही हैं।' बोलने वाले गौर कीजिएगा ; पहले भी लोग जीते थे बेगर विदेशी समानों के , फिर आप क्यों नही? स्वदेशी अपनाए और भारत का बेहतर कल बनाये; आज चाइना और दुसरे देश इसलिए सक्षम है क्योकि वे अच्छे इंजीनियर , वैज्ञानिक और  डिज़ाइनर आदि को उचित दाम में जॉब में रखते हैं और वे सब पुनः भारत में आने का सोचते नही हैं,'भारत में योग्यता के अनुसार जॉब और इनकम नही मिलती हैं।' जिससे भारतीय मुल्क़ के लोग विदेशों में जाकर बसने लगे हैं; देश कि तरक्की तो विदेशो में हैं  फिर देश में तरक्की कहाँ से आयेगी?

छोटी छोटी बाते पर गौर कीजिए;आज वह समय है ,जहाँ पुरे देश में नशीली पदार्थो पर रोक लगा दीजिए ताकि देश के बेहतर कल सड़क चौराहो में न कुचले जाये। स्वयं बदलिए , आज  समझोता करने का वक़्त नही है सिर्फ एक्शन लेने का वक़्त हैं। सभी विदेशी समानों का बहिष्कार कीजिए; नेलकटर ,विदेशी शराबो, सुईयां, विदेशी गाड़ी , इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और पटाखे इत्यादि विदेशी चीजों का भारत में बहिष्कार कीजिए। एक नया बदलाव आयेगा और भारत में हूनर की कमी नही हैं, धीरे धीरे सभी चीजें बनाना सीख जायेंगे।

"आज जंग में जायेंगे 10साल पीछे चले जायेंगे,
कुछ  नही होगा फिर  नक्शा बदल जायेगा।
भारतीयो साथ साथ आगे बढ़ते चले जाओ,
आखिर वक़्त हैं चाइना समान टिकता नही हैं।"

अभी चाइना समानों पर रोक लगा दीजिए तथा धीरे धीरे सभी समानों पर रोक लगा दीजिए ताकि बेहतर कल की कलपना किया जा सके। देश से बड़ा कुछ नही हैं , आखिर अब किसान और जवान शहीद नही होंगे; वक़्त के साथ देश के लिए खड़ा होना सीखे, एक सोच एक पहल देश बदल सकता हैं। चाइना समान और विदेशी समानों का उपयोग न करे।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र-17साल 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा जिला-कबीरधाम
छत्तीसगढ़ मो.-8085686829