सियासत की गलियारों में इंदिरा युग
इंदिरा गांधी ने वानर सेना का गठन किया था महज 13 वर्ष की उम्र में राजनीतिक गलियारे उस वक़्त होती नही थी न सोशल मीडिया व समाचारपत्र का जमाना था लेकिन उनके साथ इलाहाबाद में ही लगभग 5000 मेम्बर वानर सेना में थी।
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान नैनी जेल का हवा भी लग गया था, बचपन से निडर व निर्भीक तो थी ही। जब देश का विभाजन हुआ तब दंगे व अराजकता के दौरान इंदिरा गांधी ने शरणार्थी शिविर को संगठित किया व पाकिस्तान से आये शरणार्थियों का देखभाल भी की।
प्रधानमंत्री पद पर उन्होंने जो काम किया है वह हमेशा याद किया जायेगा। 1974 में अखिल भारतीय रेल हड़ताल थी, लेकिन उनकी सौम्यता कभी कम नही हुई, किसान भूमि सुधार से नाराज थे, उसके बाद 1975-1977 आपातकाल की स्थिति को आचार्य विनोबा भावे ने 'अनुशासन पर्व' कहकर स्वीकार किया था वही प्रसिद्ध पत्रकार खुशवंत सिंह ने आश्चर्यजनक रूप से स्वीकार किया था, बाद में हिंसा को देखते हुए खुशवंत ने इंदिरा सरकार पर प्रहार भी किया।
1977 के चुनाव में इंदिरा हार गई, कांग्रेस में परिवर्तन तय था और वही हुआ। क्षेत्रिय हितों का जन्म वही से हुआ, आपातकाल नही होती तो क्षेत्रीय हित पर कोई ध्यान नही दे रहा था, हिंदी अंग्रेजी व प्रादेशिक भाषा लाया गया, जिसे त्रिभाषा कहा गया यह बहुत हद तक सार्थक सिद्ध हुआ। और राजनीति में कुर्सी वापस पाने के लिए समाजवादी विचारधारा को अपनाने का प्रयास किया।
बैंक व अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों का राष्ट्रीयकरण कर अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। एमआरटीपी अधिनियम पारित किया, हम अक्सर काले दिन को याद करते है लेकिन इंदिरा गांधी के कार्यकाल को देखे तो सकारात्मक भी भरी पड़ी है।
सोवियत संघ के साथ रिश्ते मजबूत हुए वही अमेरिका के साथ तनावपूर्ण, अमेरिकी राष्ट्रपति को लगता था कि इंदिरा झुक जायेगी, वही इंदिरा ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिये, व बांग्लादेश का जन्म हुआ। परमाणु परीक्षण व 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध में अमेरिका के सामने न झुककर, विश्व के सामने भारत की छवि में सुधार की।
सियासत में इंदिरा ने दूसरी बार सरकार में आई वही पंजाब अशान्ति व ऑपरेशन ब्लू स्टार ने इंदिरा को डस दिया। अमेरिका व कनाडा के राज्यों के तर्ज पर खालिस्तान मुक्त राज्य बनाने की मांग न मानते हुए वही हरमिंदर साहिब पर सैन्य कार्यवाही कर दी। 31 अक्टूबर 1984 की सुबह इंदिरा युग समाप्त हो गया।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
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