बुधवार, 27 जनवरी 2021

technical

प्रौद्योगिकी में नई प्रगति कक्षाओं में होने वाले शिक्षा को शिक्षकों और छात्रों के दिमाग को प्रभावित कर रही है।

 बहुत सारी चीजें हैं जो जीवन और शिक्षा के बारे में कही जा सकती हैं, लेकिन पहली बात जो दिमाग में आती है वह यह है कि दोनों में से कोई भी स्थिर नहीं है,  दोनों आपस में गतिशील हैं।  सिस्टम इसे पसंद करती है या नहीं, यह समय के अनुरूप रहने के लिए समय के साथ बदलते रहता है , अन्यथा  यह कभी भी बदलती प्रतिस्पर्धी की दुनिया में पीछे छूट जाने का जोखिम रहता है, जो कि वैश्वीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी क्रांतियों से प्रेरित है।  बहुत से लोग एक साधारण तथ्य को महसूस नहीं करते हैं: शिक्षा और प्रौद्योगिकी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।  प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई प्रगति में  कक्षाओ व  प्रयोगशालाओं में होने वाले शिक्षा और टेस्टिंग शिक्षकों और छात्रों के दिमाग को प्रभावित करते है। 

पिछले 15 साल में क्लास रूम शिक्षा, ऑनलाइन शिक्षा, या फिर मिश्रित शिक्षण मॉडल आदि पर गहरा प्रभाव व बदलाव देखने को मिला है। उन संस्थानों में जहाँ चॉक से ब्लैक बोर्ड व ग्रीन बोर्ड में लिखकर व बोलकर समझाया जाता था वहाँ अनुभव, सेमिनार व वेबिनार ने ले लिया है, और क्रमशः यह अपने क्रम में आजके जमाने से चल रहा है।।


यहां तक ​​कि आज के समय मे  परीक्षाओं में भी बदलाव आ गया है। आज के समय में एल बार होने वाली वार्षिक परीक्षा की पुरानी परम्परा के विपरीत निरंतर मूल्यांकन के लिए हर संस्थान में एक निश्चित प्रावधान बन गया है।  प्रौद्योगिकी और परीक्षा पैटर्न इतनी तेजी से बदल रहे हैं कि शिक्षक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या वह दिन आएगा जब यह फोल्डबले लिक्विड क्रिस्टल डिसप्ले (LCD) हो जायेगा अर्थात शिक्षा पुस्तकों, कागजों और कलमों से पूरी तरह से अलग हो जाएगा।

@Copyright Unknown
It's translated by me 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें